ए सी की 18 डिग्री मे चुदाई भाग-1

Savita bhabhi xxx, hindi sex story: सुरेश क्या ए सी को आज ही खराब होना था इसने तो हमारे सेक्स की पूरी तरीके से मजा खराब कर दिया। सुरेश गुस्से में तिल मिलाते हुए कहने लगे हां सविता तुम ठीक कह रही हो आज मेरा मूड खराब हो चुका है इतने अच्छे खासे मूड को ए सी ने खराब कर दिया कल ही जाकर नया ए सी उठाकर ले आऊंगा। सुरेश बहुत ज्यादा गुस्से में थे क्योंकि हम दोनों सेक्स संबंध स्थापित कर रहे थे उसी दौरान यह सब हो गया रात भर हम दोनों को नींद नहीं आई हम दोनों एक दूसरे की बाहों में नग्न अवस्था में लेटे हुए थे। अगले दिन हम नया ए सी लेने के लिए चले गए। मैं भी उस वक्त सुरेश के साथ चली गई थी हम लोग एक इलेक्ट्रॉनिक शॉप पर गए, दुकान मे काम करने वाले लड़के मेरी तरफ घूर कर देख रहे थे। मैंने अपने आपको दुकान मे लगे हुए शीशे पर देखा मुझे ऐसा लगा आज मैं बहुत ज्यादा सुंदर लग रही हूं।

दुकान में काम करने वाले लड़कों की नजर से तो मैं बच गई लेकिन दुकान के ही मालिक जब ए सी के नए-नए फीचर्स के बारे में  विस्तार से बता रहे थे उनकी नजर मेरे ब्लाउज की तरफ थी। जब वह मेरी तरफ देखते तो वह मेरे स्तनों को देख रहे थे मैं यह सब बड़े ध्यान से देख रही थी। वह तो अपनी नजरें मेरे स्तनों से हटाने को तैयार ही नहीं थे हम लोगों ने ए सी पसंद कर लिया उसका दाम बहुत ज्यादा था। मेरे पति मुझे कहने लगे सविता छोडो हम लोग कोई और ए सी ले लेते हैं लेकिन मैंने तो सोच लिया मैं उसी दुकान से ए सी लूंगी। मैंने दुकानदार से बात की तो दुकानदार भी कहने लगा भाभी जी देखिए मुझसे जितना कम हो सकता था मैंने उतना कम कर दिया अब इस से ज्यादा कम मैं नहीं कर सकता आप तो देख ही रही हैं दुकान में कितने खर्चे हैं। मैंने दुकानदार से कहा आपका क्या नाम है? वह मुझे कहने लगे मेरा नाम अमन है मैंने दुकानदार को अपना नंबर दिया और कहा अमन आप कभी चाय पीने के लिए घर पर आइए अमन मेरी तरफ देखते ही कहने लगा ठीक है भाभी जी आप अभी जितने पैसे देना चाहती है उतने दे दीजिए बाकि के बकाया जब आपके पास पैसे होंगे तो दे दीजिएगा।

सुरेश इस बात से पूरी तरीके से खुश हो गए थे सुरेश को यह बात नहीं पता थी अमन भी अपने पैसे के बदले मेरे साथ सोना चाहता है यह बात मै समझ चुकी थी। सुरेश ने अमन को ₹30000 दिए और कहने लगे अभी हमारे पास इतने ही पैसे है बाद में हम लोग बाकि के पैसे दे देंगे। अब हम लोग घर लौट आए थे जैसे ही हम घर पहुंचे मैंने सुरेश को कहा चलो आज तो कम से कम हम लोगों को अच्छी नींद आ पाएगी। सुरेश मुझे कहने लगे सविता यह बता तुमने बिल्कुल ठीक कही आज हमे अच्छी नींद आएगी। जब रात के वक्त हम लोग बेडरूम में बैठे हुए थे तो सुरेश ने मेरी तरफ देखा और कहने लगे आज मुझे तुम्हारी गांड मारने का बड़ा मन कर रहा है। मैंने कहा भला आपको किसी ने मना किया है आप मेरी गांड मार लीजिए। इस बात से सुरेश बहुत ज्यादा खुश हो चुके थे जब सुरेश ने अपने लंड पर तेल लगाया तो मैंने सुरेश को कहा आप अपने लंड को मेरे मुंह में डाल दीजिए। सुरेश ने अपने लंड को मेरे मुंह के अंदर डाला मैंने उसे चूसना शुरू किया तो मुझे भी मजा आने लगा मैं सुरेश के लंड को बड़े अच्छे तरीके से चूस रही थी। बहुत देर तक मैने सुरेश की लंड का रसपान किया सुरेश ने मेरा मुंह से अपने लंड को बाहर निकालते हुए अपने लंड पर दोबारा से तेल की मालिश की और अपने लंड को दोबारा से चिकना बना लिया। जैसे ही सुरेश ने मेरी गांड के अंदर अपने लंड को डाला तो मुझे अच्छा लगने लगा मोटा लंड मेरी गांड जा चुका था सुरेश ने मुझे बड़ी तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए। सुरेश का मोटा लंड मेरी गांड के अंदर बाहर होता तो मैं चिल्लाती जाती मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से सुरेश मेरी गांड के अंदर बाहर अपने लंड को करते। मैने अपने पति को आज तक हमेशा खुशियां दी है उन्होंने जब भी मुझसे कहा मुझे तुम्हारी गांड मारनी है तो मैं उन्हें अपनी गांड के मजे दिया करती। जब वह मेरी गांड के मजे ले रहे थे उस वक्त मेरे फोन पर अमन का मैसेज आया और मैंने छुपके से अपने फोन को देखा वह मुझे कहने लगे तुम अपने फोन में क्या कर रही हो? मैंने सुरेश को कहा बस थोड़ी देर रुक जाओ लेकिन सुरेश तो मुझे धक्का मार रहे थे। अमन मुझसे मैसेज मे पूछने लगा भाभी जी आप कब दुकान पर आ रही हैं? मैंने अमन को रिप्लाई किया और कहा मैं तुमसे बाद में बात करती हूं।

सुरेश ने मेरे गांड के घोड़े खोल कर रख दिए थे सुरेश मुझे बहुत तेजी से धक्के मारते सुरेश ने मुझे कहा आज तो तुम्हारी गांड मारने में बड़ा मजा आ गया। सुरेश ने अपने लंड को बाहर निकला सुरेश का वीर्य बाहर निकलने वाला था सुरेश ने मेरे मुंह के अंदर अपने वीर्य की पिचकारी डाली। मैंने सुरेश के वीर्य को अपने मुंह के अंदर ही ले लिया मुझे बड़ा अच्छा लगा सुरेश के साथ में सेक्स का मजा ले पाई। वह अब बड़ी गहरी नींद में सो चुके थे मैं अमन से मैसेज के माध्यम से बात कर रही थी अमन ने मेरे अंदर की गर्मी को दोबारा से बढा दिया घर में काम करने वाले रामू काका के कमरे में मैं चली गई। रामू काका उस वक्त कच्छे में लेटे हुए थे मैंने रामू काका को कहा तुम तो बड़े मजे में सो रहे हो। काका मुझे कहने लगे क्या कोई जरूरी काम है? मैंने रामू काका को कहा आपसे जरूरी काम था रामू काका कहने लगे आप बताइए तो सही आपको क्या काम था? मैंने रामू काका के कच्छे को खोलते हुए लंड को बाहर निकाला तो वह मुझे कहने लगे तुम क्या कर रही हो मैं तुमसे उम्र मे बड़ा हूं।

मैंने रामू काका को कहा तुम यदि घर में काम करना चाहते हो तो जो मैं कहती हूं तुमको वह करना पडेगा। रामू काका के सामने मैंने अपनी नाइटी को उतारा उन्होंने भी मेरी तरफ देखा वह पूरी तरीके से जोश मे आ गए। मैंने काका को कहा आपको मेरी चूत की गर्मी को मिटाना है उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दिया जैसे ही उनका काला और मोटा लंड मेरी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो मेरे मुंह से हल्की सी चीख निकली। जिस प्रकार से वह अपने अनुभवो को मेरी चूत के अंदर डाल रहे थे उसका मै पूरी तरीके से मजा लूटती। वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के मारते मैं उन्हें कहती काका कसम से आपके लंड में तो जादू है आपका लंड कमाल का है। वह मुझे कहते सविता तुम्हारे अंदर भी बड़ी गर्मी है आज तुम्हारे अंदर की गर्मी को मैं मिटा देता हूं उनका मोटा लंड मेरी चूत को फाडते हुए मेरे पेट के अंदर तक जा रहा था। जब उन्होंने मेरी चूतड़ों को पकड़ कर मुझे घोड़ी बनाया तो वह मुझे कहने लगे तुम्हारी चूतडे बहुत बड़ी है उसी के साथ उन्होंने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया वह बड़ी तेजी से मुझे धक्के मारते मैं खुश हो रही थी। जब वह मुझे धक्के मार रहे थे उससे वह बहुत ज्यादा खुश हो गए थे। मैंने रामू काका को कहा काका आप तो बड़े ही कमाल के हैं आपसे आज के बाद मुझे अपनी चूत मरवाने आते रहना पड़ेगा। सुरेश की आंख खुल चुकी थी सुरेश मुझे आवाज देने लगे मैंने रामू काका को कहा अभी आप अपने लंड को बाहर निकाल लिजिए मैं किसी और दिन आपसे अपनी चूत मरवाती हूं। मै सुरेश के पास गई और सुरेश को कहा मैं बाहर टहलने के लिए चली गई थी मेरी इच्छा पूरी नहीं हुई थी मै डिलडो को चूत के अंदर लेती रही जब तक मैं पूरी तरीके से सतुष्ट नहीं हो गई मेरी चूत के अंदर की गर्मी मिट गई। कुछ दिनों के बाद ए सी में कुछ शिकायत आने लगी सुरेश मुझे कहने लगे मैं कुछ दिनों के लिए अपने काम से बाहर जा रहा हूं तुम ए सी ठीक करवा देना। मैंने सुरेश को कहा ठीक है मैं ए सी ठीक करवा दूंगी सुरेश अपने काम पर जा चुके थे घर मे अकेली थी मुझे जैसे मेरी इच्छा पूरी करने का पूरा समय मिलने वाला था।