अपनी कलाबाजी से पैर कमजोर बना डाले

Savita bhabhi xxx, hindi sex story: अपने प्रेमी से अलग हो जाने के बाद मेरी शादी मेरे परिवार वालों ने सुरेश के साथ करवा दी हालांकि में रमेश के साथ शादी करना चाहती थी लेकिन रमेश से मेरी शादी हो ना पाई। मैंने सुरेश से शादी कर ली और सुरेश के साथ मै अपनी शादीशुदा जिंदगी अच्छे से बिता रही थी। सुरेश और मै एक दूसरे के साथ बडे ही खुश थे लेकिन सुरेश मुझे कभी संतुष्ट कर ही नहीं पाते थे इसलिए मैं इधर उधर देखने लगी। सुरेश ने मेरी आग को कभी मिटाआ नहीं था इसलिए मैं बहुत ज्यादा तडपने लगी थी और मैं हमेशा ही सोचती कि क्या सुरेश कभी मेरी चूत की खुजली मिटा पाएंगे या नहीं मेरे मन में कई सवाल थे। उसका जवाब सुरेश के पास था ही नहीं क्योंकि सुरेश को तो कोई फर्क नहीं पड़ता था अब मै बहुत ज्यादा तड़पने लगी थी। हमारे पड़ोस में गगन रहा करता था गगन अक्सर मुझे देखा करता जब भी मैं अपने छत में कपड़े सुखाने के लिए जाया करती तो गगन मुझे हमेशा देखा करता।

एक दिन गगन हमारे घर पर आया हुआ था उसने मेरी चूतडो पर जब अपने हाथ को लगाया तो मैंने गगन को कहा लगता है तुम अब बड़े हो चुके हो। गगन मुझे कहने लगा भाभी मैं तो कब का बड़ा हो चुका था लेकिन आपने मेरी तरफ कभी देखा ही नहीं। मैंने गगन को कहा चलो मैं तुम्हारी तरफ अब देख लेती हूं गगन मुझे कहने लगा भाभी कभी हमें भी मौका दीजिए। मैंने गगन को कहा जरूर मैं तुम्हें भी मौका दूंगी लेकिन सही समय आने पर वह मुझे कहने लगा सविता भाभी मैं तो आपके लिए बहुत ज्यादा तड़पता हूं। मैंने उसे कहा तुम अपनी तडप को बचा कर रखो जल्द ही हम दोनों एक दूसरे से मिलेंगे और हम दोनों का बदन एक हो जाएगा। यह सुन वह खुश हो गया और वह अपने घर चला गया। घर में मेरे सास ससूर रहा करते थे इसलिए मुझे घर से बाहर जाने का ज्यादा मौका मिल नहीं पाता था। मै एक दिन अपनी छत में चली गई वहां पर गगन भी खड़ा था। गगन ने उस दिन मुझे देखकर अपने लंड को बाहर निकाल लिया वह अपने लंड को हिलाने लगा उसका मोटा लंड देख मै अपने आपको रोक नहीं पा रही थी। मैं गगन के घर पर चली गई गगन को मैंने पूछा क्या घर पर कोई है या तुम घर पर अकेले ही हो? वह मुझे बोला भाभी मैं घर पर अकेला ही हूं हम दोनों एक दूसरे की बाहों में थे।

मैं और गगन उसके बेडरूम में चले गए उसके बेडरूम मै ना जाने कितनी ही लड़कियों की नंगी तस्वीरें थी। मैंने उससे कहा तुम तो हवस के पुजारी हो वह मुझे कहने लगा भाभी अब अपनी जवानी को कहीं तो बाहर निकालना ही पड़ेगा। मैंने उससे कहा क्या तुम्हारे घर पर कोई तुम्हें कुछ नहीं कहता। वह मुझे कहने लगा भाभी आपको तो पता ही है कि घर में सब लोग मुझसे कितना प्यार करते हैं। यह कह कर जब मैंने उसके लंड को पकड़ लिया तो मैं उसके लंड को हिलाने लगी मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा था। जब मैं उसके मोटे लंड को हिला रही थी तो वह मुझे कहने लगा भाभी जब से आपको देखना शुरू किया है तब से मुझे किसी और देखने का मन ही नहीं होता कॉलेज में भी बहुत सारी लड़कियां हैं लेकिन आप जैसा माल मैने आज तक कभी देखा ही नहीं और आपकी सुंदरता बड़ी ही लाजवाब है। मैंने उसे कहा यह तो ठीक है लेकिन अब मैं तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेकर तुम्हें जन्नत की सैर करवा देती हूं यह सुनते ही वह खुश हो गया। मैंने जब उसके लंड पर अपनी जीभ का स्पर्श किया तो उसके मुंह से एक हल्की सी आवाज निकली वह मुझे कहने लगा भाभी कसम से मजा ही आ गया। मैंने उसे कहा मजा तो मुझे भी बढ़ा रहा है अब मैंने उसके ल** को अपने मुंह के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था और मेरे अंदर की तडप बढ़ने लगी थी मेरे अंदर की तड़प इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि मैं बिल्कुल रह नहीं पा रही थी। उसने भी मेरी साड़ी को ऊपर उठाते हुए मेरी पैंटी को नीचे उतार दिया गगन जब मेरी चूत को चाटने लगा तो मुझे अब अच्छा लगने लगा उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और बिस्तर पर लेटाकर जब उसने मेरी पेट की नाभि को चाटना शुरु किया और मेरे ब्लाउज को उतारने लगा तो मेरे अंदर की आग बढ़ने लगी थी। मैंने गगन से कहा गगन तुम अब मुझे इतना ना तड़पाओ वह मुझे कहने लगा भाभी आपका बदन तो बड़ा ही लाजवाब है। यह कहकर जब उसने मेरी चूत को दोबारा से चाटना शुरू किया तो मुझे अब अच्छा लगने लगा मेरे चूत से निकलता हुआ पानी ज्यादा ही अधिक हो चुका था।

मैंने उससे कहा चलो तुम अपने लंड को मेरी चूत में घुसा कर अपनी इच्छा को पूरा कर लो। वह मेरी तरफ देखने लगा उसने मेरे पैरों को खोला तो उसने मेरी चूत पर अपने लंड को लगा दिया। उसने जब अपने लंड को मेरी चूत पर लगाया तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और उसे भी बड़ा अच्छा लगने लगा था। मैंने अपने पैरों को खोल लिया था मैंने जब अपने पैरों को खोला हुआ था वह मेरी चूत को बड़े अच्छे से चाटने लगा। उसने जब मेरी चूत में एक जोरदार झटके के साथ अपने लंड को घुसाया तो मेरी इच्छा को उसने पूरा कर दिया और मेरी इच्छा पूरी हो चुकी थी। वह मुझे कहने लगा मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है भाभी आपकी चूत में जब मेरा लंड अंदर जा रहा है। मैंने उसे कहा लो मैंने अब अपने पैरों को खोला हुआ है और तुम जितना जोर से झटका मार सकते हो उतनी जोर से तुम मुझे धक्के मारते रहो। वह मुझे अब और भी तेजी से चोद रहा था। गगन का मोटा लंड मेरी चूत के अंदर बाहर होता तो मेरी सिसकारियां बढ़ती ही जा रही थी और गगन के अंदर की आग और भी ज्यादा बढ़ने लगी थी। गगन की आग अब इस कदर बढ़ चुकी थी वह मुझे कहने लगा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।

मैंने गगन से कहा मुझे आज इतने दिनों बाद किसी का मोटा लंड नसीब हुआ है। वह मुझे कहने लगा भाभी क्या भैय्या आपको चोदते नहीं है। मैंने उससे कहा तुम यह बात जाने भी दो तुम मेरी चूत का मजा लेते रहो। वह मुझे बडे जोरदार तरीके से धक्के मार रहा था मुझे वह जिस प्रकार से चोद रहा था उस से मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। एक समय वह आया जब हम दोनों इतने गर्म हो गए कि गगन ने मेरी चूत में अपने माल को गिरा दिया गगन का माल मेरी चूत में गिर चुका था मुझे अब अच्छा लग रहा था लेकिन गगन की इच्छा अभी तक पूरी नहीं हुई थी। मैंने उसे कहा था मैं अब जा रही हूं वह कहने लगा भाभी एक बार और मुझे आपकी चूत मार लेने दो। मैंने उसे कहा लो फिर मेरी चूत मार लो मैंने अपने चूतड़ों को उसकी तरफ किया उसने मुझे जोरदार तरीके से चोदना शुरु कर दिया। वह मुझे जिस तेज गति से चोद रहा था उससे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और उसे भी बड़ा अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से वह मेरी चूत के मजे ले रहा था उसे मेरी चूत का आनंद लेने में बड़ा ही अच्छा लग रहा था। उसने काफी देर तक मेरी चूत के मजे लिए जब उसने अपने माल को मेरी चूत में गिराया तो मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारे लंड को चूसने दो। उसने अपने लंड को मेरे सामने किया उसके लंड से माल निकल रहा था मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसके लंड को अपने मुंह में लेने के बाद मैंने उसे तब तक चूसा जब तक कि उसका पूरा पानी बाहर नहीं आ गया। मैंने उसके पैरों को कमजोर कर दिया था मै उसकी ताकत को पूरी तरीके से बाहर निकल चुका था। मुझे बड़ा ही अच्छा लगा जब गगन और मैंने एक दूसरे के साथ सेक्स का जमकर मजा लिया। गगन ने मेरी फडफडाती चूत को अपना बनाकर मुझे अपना दिवाना बना दिया।