असली दूध की तलाश में सविता भाभी

Savita bhabhi xxx, desi kahani सविता भाभी के शरीर में कमजोरी आ रही थी क्योंकि उन्हें दूध की कमी होने लगी थी वह ताजा दूध की तलाश में थी। उन्होंने अपने पड़ोस में रहने वाली शकुंतला ताई से पूछा कि ताई यहां पर सबसे बढ़िया दूध कौन देता है? सविता भाभी को मालूम पड़ा कि पूरी कॉलोनी में मोनू दूध वाला ही फेमस है। वह मोनू दूध वाला की तलाश में थी कब वह आए और कब उन्हें दूध दे क्योंकि सविता भाभी के शरीर में काफी कमजोरी आ चुकी थी यह सब दिन रात सेक्स करने की वजह से हुआ था और उनके बदन का रंग भी फीका पडता जा रहा था जिसके लिए वह बहुत मेहनत किया करती उनकी ऊभरी हुई गांड भी कम होती जा रही थी। सविता भाभी चाहती थी कि उन्हें एक बढ़िया सा दूध वाला मिल जाए जो उनक असली दूध दे और इसी के लिए उन्होंने शकुंतला ताई से कह दिया था कि जब मोनू दूध वाला आए तो उसे आप घर पर भेज दीजिएगा।

सुबह के करीब 8:00 बज रहे थे सविता भाभी घर का काम कर के बस निपटी ही थी उन्होंने देखा कि सामने एक दूधवाला अपने राजदूत मोटरसाइकिल पर बैठा हुआ उनको आवाज दे रहा था उन्होंने अपनी भतीजी को भेजा और कहा जाओ तो देखकर आना कौन है? उनके भतीजी ने जाकर देखा वह कहने लगी कोई दूध वाला है। जब सविता भाभी उसके पास गई तो उसकी कद काठी और उसका लंबा चौड़ा शरीर देखकर सविता भाभी अब उसी से दूध लेना चाहती थी। उन्होंने मोनू दूध वाले से कहा दूध कितने रुपए लीटर देते हो? वह कहने लगा वैसे तो ₹50 देता हूं लेकिन आपको मैं कम लगा दूंगा। सविता भाभी ने पूछा कि क्या तुम मेरे कुछ लगते हो तो वह कहने लगा नहीं मैं कुछ नहीं लगता लेकिन मुझे इस कॉलोनी में दूध देते हुए काफी समय हो चुका है इसलिए यहां पर मैं सब लोगों को कम दाम पर दूध देकर जाता हूं। सुबह आपको दूध मिल जाया करेगा सौदा तय हो चुका था अब हर रोज मोनू दूध वाला सविता भाभी के घर पर सुबह 7:00 बजे ही दूध छोड़ जाया करता। सविता भाभी के रंग मे वैसा ही चमक और वैसा ही निखार आने लगा था वह अब पहले जैसी मदमस्त हसीना बन चुकी थी।

मोनू यह सब देखता रहता था कि सविता भाभी उस पर अपनी नजर गडाए रखती हैं इसी के चलते एक दिन मोनू ने सविता भाभी से पूछ ही लिया भाभी आजकल तो आप बढ़ा इतरा कर चल रही है और आपका बदन बहुत ज्यादा निखर रहा है। सविता भाभी ने मोनू से कहा कल से तुम और भी दूध दे दिया करना। मोनू कहने लगा भाभी मैं आपको दूध तो ऐसे ही दे दिया करूंगा मेरे पास दूध की कोई कमी नहीं है और उससे भी बढ़कर मेरे पास एक और चीज है जो कि मैं आपको दे सकता हूं। मोनू का भी मन डोलने लगा था वह अपनी चौडी छाती मे सविता भाभी को महसूस करना चाहता था क्योंकि उसने भी सविता भाभी के चर्चे सुन लिए थे। दोनों तरफ से बराबर आग लग चुकी थी अब इस आग को बुझाने के लिए सविता भाभी ने ही अपना एक कदम आगे बढ़ाया और मोनू से उन्होंने कहा क्या कल से तुम सुबह जल्दी आ जाओगे? मोनू कहने लगा लेकिन सुबह में जल्दी क्यों आऊं सविता भाभी ने उसे समझाया कि वह सुबह क्यों जल्दी आए। अगले दिन से मोनू सुबह जल्दी आने लगा मोनू सुबह 5:00 बजे ही दूध लेकर पहुंच जाया करता उस वक्त इतना ज्यादा उजाला भी नहीं रहता था लेकिन वह सुबह 5:00 बजे सबसे पहले सविता भाभी को ही दूध देकर चला जाया करता था। सविता भाभी ने अपना एक कदम आगे रख दिया था अब बारी थी मोनू दूधवाले की मोनू भी सविता भाभी को हर रोज दूध दिए जाता था। उन्हें वह दूध बढ़ा कर दे दिया करता यह सब सविता भाभी के ही हुस्न का जलवा था कि मोनू ज्यादा दूध देने लगा था क्योंकि मोनू सविता भाभी से कुछ चाहता था कि उसे भी सविता भाभी के साथ एक रोज मौका मिल जाए इसलिए वह सविता भाभी पर डोरे डालने लगा था। सुबह के वक्त सविता भाभी मैक्सी में दूध लिया करती थी एक दिन सविता भाभी की मैक्सी में उनके पति का वीर्य गिरा हुआ था। जब मोनू ने उनसे पूछा कि यह वीर्य किसका है तो उन्होंने बताया कि यह तो मेरे पति का वीर्य है। मोनू का लंड तन कर खड़ा हो गया उसने सविता भाभी के स्तनों पर हाथ फेर दिया।

मोनू अब हर सुबह सविता भाभी के स्तनों पर हाथ फेर दिया करता मोनू की हिम्मत बढ़ती जा रही थी सविता भाभी के बदन की आग ऊफान मारने लगी थी। उन्हें मोनू ज्यादा दूध दे दिया करता था जिससे कि वह दूध पीकर तंदुरुस्त होने लगी थी और उनकी गांड में पहले जैसी बाहर आ चुकी थी। एक दिन उन्होंने मोनू की धोती को ऊपर उठाकर उसके लंड को कच्चे से बाहर निकाल दिया और उसे हिलाना शुरू किया उन्होंने उसके लंड को इतनी तेजी से हिलाया की उसके वीर्य की पिचकारी सविता भाभी के दूध में जा गिरी। जब सविता भाभी ने वह दूध पिया तो उन्हें उस दिन मजा आने लगा वह उसके बाद हर सुबह मोनू के लंड से मुट्ठ मारकर उसका माल पी जाया करती। एक दिन यह सब करते हुए उनके ससुर जी ने उन्हे देख लिया और रात को अपने कमरे में बुला लिया वह कहने लगे बहुरानी लगता है तुम्हारी इच्छा पूरी नहीं हो पा रही है उस रात उन्होंने सविता भाभी की गांड में अपने लंड को तेल लगाकर डाला तो उनके मुंह से आह ओह आह ओह आई मर गई की आवाज निकल पडी उनकी गांड में उनके ससुर जी का लंड जा चुका था। उनके ससुर जी के लंड ने उनकी गांड में तहलका मचा दिया और उनकी प्यास को बुझाया। सविता भाभी ने उनके माल को अपने मुंह के अंदर ही निगल लिया अगले दिन मोनू जब सुबह आया तो उस दिन सुबह के वक्त मौसम बड़ा सुहाना सा था बादलों से आसमान घिरा हुए था और ऐसा लग रहा था कि जैसे बारिश आने वाली है।

बारिश की कुछ बूंदें सुबह 4:55 पर गिरी मोनू ने अपने मोटरसाइकिल का हॉर्न बजाया और सविता भाभी को बाहर बुलाया वह दौड़ी चली आई। जब वह दौड़ कर आई तो मोनू कहने लगा भाभी जल्दी से दूध का डब्बा लाओ मुझे निकलना है। सविता भाभी ने मोनू के हाथ को पकड़ लिया और कहने लगी मोनू आज कहां जा रहे हो मौसम देखो ना कितना सुहावना है। मोनू ने आसमान की तरफ देखा तो मोनू भी शायद सविता भाभी की बात से सहमत था वह कहने लगा मौसम तो वाकई में सुहावना है लगता है आज कुछ तहलका मचाना पड़ेगा। मोनू ने अपनी मोटरसाइकिल को स्टैंड पर खड़ा किया और उसने सविता भाभी का हाथ पकड़ा और कहने लगा कहां चले? सविता भाभी भी मोनू की छाती पर हाथ फेरकर कहने लगी जहां तुम ले चलो मेरे शेर वहां चलते हैं। उन्हें मोनू पर पूरा भरोसा था क्योंकि उनकी गरमा गरम चूत को मोनू जैसे बडे लंड शांत कर सकते थे। मोनू उन्हे पास के ही खेत में लेकर चला गया खेत में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था सविता भाभी ने भी अपने यौवन के जाल को मोनू पर फेंक दिया। मोनू कहने लगा भाभी आज के बाद तो आपको जितना दूध चाहिए मैं आपको उतना दूध दे दूंगा। उसके बाद तो जैसे दो बदन एक होने वाले थे सविता भाभी की चूत कुछ ज्यादा ही फड़फड़ा रही थी। जब सविता भाभी ने मोनू के बालों को पकड़ते हुए अपने दोनों पैरों के बीच में लगाया तो वह उनकी चूत को ऐसे चाट रहा था जैसे कि कोई कुत्ता दूध को चाट रहा हो मोनू को बड़ा मजा आ रहा था।

मोनू ने उनकी चूत को चाट कर पूरा गीला कर दिया था सविता भाभी भी पीछे कैसे रह सकती थी उन्होंने मोनू की धोती को उतार दिया और उसके नाड़े वाले धारीदार नीले और सफेद रंग के कच्छे को उतार दिया और उसके लंड को उन्होंने अपने कोमल और गोरे हाथों में लिया। मोनू के लिए तो जैसे यह कल्पना मात्र ही थी क्योंकि सविता भाभी जैसी माल मानू को कभी मिल भी नहीं सकती थी। सविता भाभी ने अपने होठों को हल्का सा खोला और मोनू दूध वाले के मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर तक ले लिया। उन्होंने मोनू के लंड से खून निकाल कर रख दिया उसके बाद मोनू ने सविता भाभी की चूत से खून निकाल कर रख दिया। मोनू ने अपने दूध की ताकत को सारा सविता भाभी के ऊपर झोक दिया। वह सविता भाभी को इतनी तेजी से चोद रहा था कि सविता भाभी के बदन का हर हिस्सा हिल रहा था। मोनू ने अपने वीर्य की पिचकारी से सविता भाभी को नहला दिया तो उनकी इच्छा पूरी हो गई। मोनू दूध वाले का होरन सुनते ही सविता भाभी दूध लेने दौड़ी चली आती।