दो दोस्तो की पत्नी बन गई -1

Savita bhabhi xxx, hindi sex story: मैं अपनी बहन के साथ लखनऊ से दिल्ली का सफर कर रही थी ट्रेन में हम दोनों ही थे। हमारे सामने वाले सीट में एक परिवार बैठा हुआ था लेकिन वह परिवार अगले स्टेशन पर ही उतर गया मुझे लगा था कि वह लोग भी दिल्ली तक सफर करने वाले हैं लेकिन वह लोग तो अगले स्टेशन पर ही उतर गए थे। अगले स्टेशन पर हमारे सामने वाली सीट में कोई भी नहीं बैठा था मैं और मेरी बहन आपस में बात कर रहे थे तो वह मुझसे अपने पति के बारे में बता रही थी। वह कह रही थी कि उसके पति उसके साथ जमकर सेक्स का मजा लेते हैं उसकी शादी को अभी ज्यादा दिन नहीं हुए थे मैं और मेरी बहन आपस में बात कर ही रहे थे तो मैंने अपनी बहन से कहा मैं अभी आती हूं। मैं बाथरूम में चली गई मैं बाथरूम में गई और वहां से जब मैं वापस लौटे तो सीट पर एक युवक कटा हुआ था उसकी चौड़ी छाती और उसके गठिले शरीर को देख कर मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी।

मैं उसे बारबार देख रही थी वह भी मेरी तरफ देख रहा था लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि वह मुझसे बात कर लेगा जैसे ही उसने मुझसे बात की तो हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे। अब उसका नाम मुझे पता चल चुका था उसने मुझे बताया वह दिल्ली में नौकरी करता है आकाश दिखने में बड़ा ही हैंडसम है उसे देखकर मैं तो सोच रही थी कि आकाश को अपने घर पर बुला लू। अब मेरी बहन मुझे कहने लगी कि मुझे नींद आ रही है वह सो चुकी थी मैं और आकाश एक दूसरे से बात कर रहे थे मुझे ऐसा लग ही नहीं रहा था कि जैसे आकाश से मैं पहली बार बात कर रही हूं आकाश बार बार मेरे स्तनों को देखता। मैं भी उसकी नजरो को पढ चुकी थी मैंने आकाश से उसका नंबर ले लिया और आकाश को कहा मैं तुमसे फोन पर बात करूंगी। आकाश कहने लगा भाभी वैसे आप बड़ी सेक्सी है मैंने यह बात सुनकर आकाश के हाथ को पकड़ा और कहा मैं तुम्हें अपने पूरे बदन को दिखाऊंगी।

आकाश कहने लगा सविता भाभी आप भी बड़ी कमाल की हैं मेरा सफर बडे मजेदार तरिके से कटा हमारे बीच कुछ भी नहीं हो पाया। उसके बाद मैं आकाश को मिलने लगे थे आकाश को मैं जब भी मिलती तो आकाश और मैं एक दूसरे का साथ बड़े ही अच्छे से दिया करते हम दोनों के बीच में सिर्फ बात ही हुई थी लेकिन आकाश ने मुझे कहा कि भाभी कभी आप मुझे अपने जलवे भी दिखाइए तो मैंने आकाश को कहा सब्र का फल मीठा होता है मैं तुम्हें जल्द ही अपने जलवे दिखाऊंगी। आकाश कहने लगा भाभी मैं उस दिन का इंतजार करूंगा, आकाश ने मुझे यह बात नहीं बताई थी कि उसके रूम में एक लड़का और रहता है जिसका नाम सुधीर है उसने मुझे सुधीर से एक दिन मॉल में मिलवाया था। आकाश और मैं एक दूसरे को मिलकर बड़े खुश थे एक दिन मैंने आकाश को फोन कर के कहा कि चलो मैं तुमसे मिलने के लिए आ रही हूं। आकाश कहने लगा भाभी लेकिन आप ने यह बात मुझे पहले क्यों नहीं बताई मैंने आकाश को कहा अभी मेरा मूड था तो मैंने सोचा तुम से बात कर लूं। आकाश कहने लगा भाभी उसके लिए मुझे मैनेज करना पड़ेगा। मैने आकाश को कहा तुम उसकी चिंता क्यों करते हो सब कुछ हो जाएगा आकाश और मैं एक दूसरे से फोन पर बात कर रहे थे तो मैंने आकाश को कहा मैं बस तुम्हारे पास थोड़ी देर में पहुंच जाऊंगी। आकाश कहने लगा ठीक है भाभी मैं आपका इंतजार कर रहा हूं यह कहकर आकाश ने फोन रख दिया। मै भी आकाश के बताए पते पर चली गई आकाश घर पर अकेला ही था जैसे ही मैं आकाश के घर पर गई तो मैंने देखा आकाश मेरा इंतजार कर रहा था। मैंने आकाश से कहा लगता है तुम मेरा इंतजार कर रहे थे तो वह कहने लगा हां भाभी मैं आपका इंतजार कर रहा था यह हो कहते ही आकाश मुझ पर टूट पड़ा उसने मेरे होठों को चूमना शुरू किया तो मेरी लिपस्टिक उसने अपने होठों से चूस कर पूरी तरीके से खत्म कर दी थी। मैंने उसे कहा तुम तो जैसे मेरी चूत मारने का इंतजार कर रहे थे आकाश मुझे कहने लगा भाभी आप मुझे अब तड़पाओ मत मैं बहुत ज्यादा तड़प रहा हूं आप जानती है मैं आपके लिए कितना पागल हो गया हूं। यह कहते ही मैंने आकाश के होठों को चूम लिया आकाश ने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो मैंने उसके लंड को चूसना शुरू कर दिया।

आकाश का लंड जब मै चूस रही थी तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने आकाश को कहा तुम्हारा दोस्त सुधीर दिखाई नहीं दे रहा आकाश मुझे कहने लगा भाभी वह अपने किसी काम से गया हुआ है मैंने उसे कहा क्या तुम मुझे सुधीर का नंबर दोगे। वह कहने लगा लगता है आपका दिल सुधीर पर भी आ गया है। मैंने आकाश को कहा तुम मुझे उसका नंबर दे दो तो आकाश कहने लगा ठीक है पहले आप मुझे तो खुश कर दीजिए उसके बाद मैं आपको सुधीर का नंबर भी दे दूंगा। मैं इस बात से बड़ी खुश थी मैं आकाश के लंड को तब तक चूसती रही जब तक उसके लंड से पूरी तरीके से पानी बाहर की तरफ नहीं निकल गया। आकाश का लंड पानी बाहर की तरफ को छोड़ने लगा था मैंने भी आकाश के लंड को अपने गले तक ले लिया था और उसने अपने माल को मेरे मुंह में गिराया। आकाश कहने लगा आज तो मजा ही आ गया मैंने उससे कहा अभी तो शुरुआत है अभी तो तुम्हें बहुत लंबा सफर तय करना है। यह सुनते ही उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया जैसे ही उसने मुझे बिस्तर पर लेटाया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था आकाश को भी अब मजा आने लगा। आकाश बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था वह मुझे कहने लगा भाभी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है।

मैंने आकाश को कहा रह तो मैं भी नहीं पा रही हूं मेरे अंदर गर्मी बढ़ी हुई है अब मैं चाहती हूं मैं तुम्हारी इच्छा को किसी भी तरीके से पूरा कर दूं। मैंने अब आकाश के सामने अपने कपड़े उतारे तो आकाश ने अपने हाथों से मेरी पैंटी को उतार कर उसे किनारे रखते हुए मेरी चूत के अंदर उसने उंगली को घुसा दिया। उसने जब अपनी उंगली को मेरी योनि में घुसाया तो मेरी चूत से पानी निकलने लगा और मैं तड़पने लगी मैं अपने पैरों मिलाने की कोशिश कर रही थी वह मेरी चूत को चाट कर मेरी गर्मी को बढ़ा रहा था। मेरे अंदर की आग भी अब बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी आकाश ने मेरी गर्मी को इस कदर बढ़ा दिया कि मेरी चूत से निकलता हुआ पानी कुछ ज्यादा ही अधिक हो चुका था। मैंने आकाश को कहा तुम जल्दी से करो ना तो आकाश कहने लगा भाभी कर रहा हू। मैंने आकाश को कहा कि लाओ मैं तुम्हारे लंड को चूस लेती हूं। आकाश कहने लगा हम दोनों एक दूसरे के साथ मजे करने लगे अब हम दोनों ने एक दूसरे के साथ 69 मे मजे करना शुरू कर दिया मेरे अंदर की आग अब इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मैंने आकाश को कहा तुम जल्दी से मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दो तो आकाश कहने लगा भाभी बस थोड़ी देर मे आपकी चूत मे लंड घुसा देता हूं। मैंने अब आकाश के लंड को अपने हाथों से पकड़ कर हिलाना शुरू कर दिया आकाश मुझे तड़पा रहा था। मैंने अपनी चूत के अंदर उंगली डालने कोशिश कि तो आकाश ने अपने लंड को मेरी चूत पर लगाया तभी तभी सुधीर का फोन आ गया। जब सुधीर का फोन आया तो आकाश मुझे कहने लगा लो भाभी आपकी तो इच्छा सुधीर भी पूरी कर देगा। मैंने आकाश को कहा पहले तुम तो मुझे संतुष्ट कर दो। वह कहने लगा भाभी अब सुधीर भी थोड़ी देर बाद आता ही होगा मैं आकाश के लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था।