दूध की ताकत- भाग 3

Savita bhabhi xxx, hindi sex story: चाचाजी और मै एक दूसरे की बाहों में लेटे हुए थे उस समय 2:00 ही बजे थे हम दोनों बहुत गहरी नींद में थे जब हम लोगों उठे तो 5:00 बज चुके थे।  चाचा जी का लंड अभी भी तन कर खड़ा था मैं यह देखकर चाचा जी के लंड को चूसने लगी जब मैं ऐसा करने लगी तो चाचा जी उठ खड़े हुए और कहने लगे यह क्या कर रही हो? मैंने कहा मुझे आपके लंड के ऊपर बैठना है तो चाचा जी मुझे कहने लगे ठीक है तुम मेरे लंड के ऊपर बैठ जाओ। मैंने चाचा के लंड को चूसकर खड़ा कर दिया चाचा जी मुझे कहने लगे तुम्हारी चूत बड़ी कमाल की है। मैने चाचा जी को कहा आप भी तो कमाल के हैं इस उम्र में भी आप मुझे चोदने की ताकत रखते हैं। चाचा जी ने यह सुनकर मुझे कहा तुम मेरे लंड के ऊपर बैठ जाओ। मैं चाचा जी के लंड के ऊपर बैठी उनके लंड को मैंने अपनी चूत में ले लिया अब मैं उनके लंड के ऊपर नीचे होने लगी। जब मैं ऐसा कर रही थी तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उनको भी बहुत मजा आने लगा वह मुझे कहने लगे बहु तुम ऐसे ही करती रहो।

वह बिस्तर पर लेटे हुए थे मैं अपनी चूत को उनके लंड के ऊपर नीचे करती तो उनका लंड मेरी चूत के जड़ तक जा रहा था उनका लंड मेरी चूतड़ों से टकराता तो मुझे ऐसा प्रतीत होने लगा था कि वह बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगे हैं और उनकी गर्मी अब बहुत ज्यादा बढने लगी है। हम दोनों बिल्कुल भी रह ना सके जब उन्होंने अपनी पिचकारी मेरी चूत मे गिराई तो मुझे गर्मी का एहसास हुआ। अब हम दोनों एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे मेरी योनि से अब पानी बाहर की तरफ को निकाल रहा था वह थक कर चूर हो चुके थे और वह बिस्तर पर लेटे हुए थे। मैं अब रसोई में आ गई और मैं चाय बनाने लगी चाचा जी ने भी अपने कपड़े पहन लिए थे वह कमरे में लेटे हुए थे मैं जब चाय बना रही थी तो मुझे सुरेश का फोन आया वह मुझे कहने लगे सरिता तुम यह क्या कर रही हो? मैंने सुरेश से कहा मैं तो घर पर ही हूं उन्होने मुझे कहा मैं भी थोड़ी देर बाद अपने ऑफिस से निकल रहा हूं।

मैंने सुरेश को कहा ठीक है। उन्होंने मुझे बताया उनको कुछ जरूरी काम था तो मैंने उन्हें कहा कहिए ना आपको क्या जरूरी काम था। सुरेश मुझे कहने लगे मैं घर आकर तुम्हें बताता हूं लेकिन उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं बताया। मैं चाचा जी के साथ बैठी हुई थी मैंने चाचा जी से कहा आज तो आपने मुझे पूरी तरीके से संतुष्ट कर दिया है। वह कहने लगे लेकिन मुझे तुम्हें एक बार और चोदना है यह सुनकर मैंने चाचा जी से कहा आप जल्दी से मेरी चूत मार लीजिए थोड़ी देर बाद सुरेश आने वाले होंगे। चाचा जी ने मेरी साड़ी के ऊपर करते हुए मेरी पैंटी को नीचे उतारा जब उन्होंने अपने लंड को बाहर निकालकर उसे हिलाना शुरु किया तो मैं यह देखकर अपनी चूत के अंदर उंगली करने लगी। उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया और घोडी बनाने के बाद उन्होने अपने लंड को मेरी चूत पर रगड़ना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा। मैंने उनको कहा आप मेरी चूत मे लंड घुसा दीजिए क्योंकि मेरी योनि से बहुत ही ज्यादा पानी बाहर की तरफ आ चुका है। चाचा जी मुझे कहने लगे ठीक है बहु अभी तुम्हारी चूत की खुजली को मिटा देता हूं उन्होंने जैसे ही अपने मोटे लंड को मेरी योनि के अंदर डाला तो मुझे बहुत दर्द होने लगा। मैंने उनको कहा बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है वह मुझे कहने लगे तुम्हारी चाची मुझसे कहती है मेरा लंड बहुत ज्यादा मोटा है। अब उनका लंड मेरी चूत के अंदर बाहर हो रहा था मैं भी अपनी चूतडो को उनसे मिलाए जा रही थी वह मेरी चूतडो पर अपने हाथ से प्रहार कर रहे थे जब वह ऐसा करते तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। उन्होंने मुझे कहा तुम्हारी चूतडे कितनी गोरी है मैने चाचा जी से कहा मैं अपना बहुत ध्यान रखती हूं। इस बात से खुश होकर उन्होंने मुझे और भी तेज गति से चोदना शुरू कर दिया था मैं बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। चाचा जी बहुत ज्यादा खुश हो गए हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। चाचा जी ने जब अपने माल की पिचकारी को बाहर गिराया तो मैं खुश हो गई मैंने तुरंत अपनी चड्डी को ऊपर कर लिया हम दोनों साथ में बैठे हुए थे। मैंने उस वक्त घडी में देखा तो उस समय 6:00 बज रहे थे चाचा जी और मैंने करीब 15 मिनट तक एक दूसरे के साथ चुदाई का मजा लिया था उसके बाद वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुके थे। हम दोनों साथ में बैठे हुए थे थोड़ी देर बाद सुरेश घर पर आ गए वह घर पर आए तो उन्होंने मुझे बताया उनके एक दोस्त घर पर आने वाले हैं।

मैंने सुरेश को कहा लेकिन तुमने मुझे यह बात पहले क्यों नहीं बताई मुझे सारी तैयारियां करनी पड़ेगी। सुरेश कहने लगे कोई बात नहीं सविता हम लोग बाहर से खाना मंगवा लेते हैं। मैंने सुरेश से कहा नहीं मैं खाना बना लूंगी सुरेश कहने लगे ठीक है यदि तुम खाना बना दोगी तो फिर तुम खाना बनाने की तैयारी करो वह लोग आज रात का डिनर हमारे घर पर ही करेंगे और हो सकता है कि वह हमारे घर पर ही रुक जाए। मैंने सुरेश को पूछा वह लोग हैं कौन तो सुरेश ने मुझे बताया कि वह उनके दोस्त रजत है। सुरेश ने मुझे बताया कि रजत उनके ऑफिस में ही काम करते हैं और उनकी नई नई शादी हुई है इसलिए सुरेश ने उनको अपने घर पर इनवाइट किया है। मैंने सुरेश को कहा मैं अब खाना बनाने की तैयारी शुरू करती हूं। सुरेश कहने लगे चाचा जी कहां है? मैंने सुरेश से कहा वह तो कमरे में लेटे हुए हैं उनकी तबीयत आज कुछ ठीक नहीं है सुरेश मुझे कहने लगे लेकिन ऐसा क्या हुआ कि उनकी तबीयत खराब हो गई। मैंने सुरेश से कहा शायद उन्हें कमजोरी आ गई है अब उनकी उम्र भी तो हो चली है।

सुरेश ने मुझे कहा क्या तुमने उन्हें दवा नहीं दी। मैंने उन्हें कहा मैंने उन्हे दवा दे दी थी सुरेश चाचा जी के पास कमरे में चले गए और मैं अब खाना बनाने की तैयारी करने लगी। मैं खाना बना रही थी तो खाना बनाते हुए समय का पता ही नहीं चला कि कब रात के 9:00 बज चुके थे 9:00 बजे अब सुरेश के दोस्त भी आज हो गए थे। जब वह घर पर आए तो सुरेश ने अपने दोस्त रजत और उनकी पत्नी कावेरी से मुझे मिलवाया कावेरी दिखने में बहुत ही सुंदर थी। मैंने कहा कावेरी तुम बहुत ही सुंदर हो कावेरी मुझे कहने लगी कि भाभी यह आपका बड़प्पन है जो आप मेरी सुंदरता की तारीफ कर रही है तभी रजत भी बोल उठे भाभी आप भी कम सुंदर नहीं है आप बहुत ही ज्यादा सुंदर है। इस बात से मैं रजत की तरफ देखने लगी और मैं मुस्कुराने लगी हम सब लोग आपस में बैठकर बातें कर रहे थे। चाचा जी भी हमारे साथ बैठे हुए थे लेकिन चाचा जी की नजरे मेरे स्तनों पर थी मैं चाचा जी की तरफ देख रही थी तभी मैंने रजत की तरफ देखा जब मैंने रजत की तरफ देखा तो वह भी मेरी तरफ देख रहे थे। वह अपनी प्यासी नजरों से मुझे देख रहे थे रजत दिखने में बहुत ही ज्यादा हैंडसम है मैं चाहती थी मैं रजत की बाहों में चली जाऊ। मेरा बहुत मन था कि मैं रजत के साथ बात करूं लेकिन जब रात का डिनर करने के बाद वह लोग कहने लगे अब हम लोग चलते हैं। मैंने रजत को कहा आप यहीं रुक जाइए रजत मेरी बात मान गए और वह लोग हमारे घर पर ही रुक गए। जब रजत और उनकी पत्नी कावेरी हमारे घर पर रुके तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा। मैं रजत के साथ अपने सेक्स संबंध बनाने के बारे में सोचने लगी कैसे मैं रजत को अपने बस में करूगी। कैसे रजत और मै सेक्स का पूरी तरीके से मजा लेंगे।