जीवन सफल बना दिया

Antarvasna, xxx hindi story: दोपहर की कड़ी धूप में मैं अपने घर से बाहर निकली। मेरा हाथ में छाता था, मेरे हाथ में गुलाबी रंग का छाता था लेकिन अचानक से मेरे हाथ से छाता छूटा, जैसे ही मैं छाते को उठाने के लिए नीचे झुकी तो मेरे स्तन बाहर की तरफ को लटक रहे थे। मैंने देखा मेरे सामने एक लडका खडा था जो मुझे देख रहा था। मैंने उससे कहा तुम क्या देख रहे थे? वह मुस्कुराने लगा और कहने लगा भाभी जी कुछ भी तो नहीं देख रहा था मैंने उसे कहा तुम्हारा क्या नाम है? वह मुझे कहने लगा मेरा नाम संजय है। मैंने संजय से पूछा तुम कहां रहते हो? वह मुझे कहने लगा भाभी जी मैं तो आपकी ही कॉलोनी में रहता हूं। संजय मुझे कहने लगा भाभी आपके पीछे तो पूरी कॉलोनी के लोग पागल है। मै उसकी बातों से काफी ज्यादा प्रभावित हो गई थी। मैंने उससे कहा चलो ठीक है तुम्हें भी मैं जरूर मौका दूंगी। सविता वैसे तो सबको मौका देती है लेकिन उस दिन मैंने संजय को मौका देने के बारे में सोचा और संजय से कहा रात के वक्त तुम घर पर आना। संजय मुझे कहने लगा ठीक है भाभी मैं रात को आपकी छत के रास्ते घर पर आ जाऊंगा। मैंने संजय को कहा ठीक है।

संजय ने मेरी तरफ देखा और कहा भाभी अब मैं चलता हूं। संजय वहां से चला गया मैं दुकान में गई और वहां से सामान ले आई। मैं जब घर पहुंची तो मेरे पति मुझे कहने लगे सविता तुमने इतनी देर कहां लगा दी। मैंने उन्हें कहा कुछ नहीं बस ऐसे ही सामान खरीद रही थी दुकान में काफी भीड़ थी। मेरे पति मुझे कहने लगे लेकिन इतनी गर्मी में दुकान में भीड थी। मैंने उन्हें कहा हां दुकान में काफी ज्यादा भीड़ थी। वह मुझे कहने लगे चलो ठीक है अब मैं रसोई में चली गई मैं खाना बनाने लगी थी। दोपहर का खाना खाने के बाद मैं और मेरे पति साथ में लेटे हुए थे हम दोनों बिस्तर पर लेटे हुए थे लेकिन मेरे पति के मन में मुझे चोदने की भावना पैदा होने लगी। उन्होंने मुझसे कहा मुझे तुम्हें चोदना है? मैंने उन्हें कहा अगर आपका मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाने का मन है तो बना लीजिए इसमें पूछने की क्या बात है? उन्होने मेरे कपड़ों को उतार दिया। जब उन्होंने मेरे कपड़ों को उतारकर मेरी गर्मी को बढ़ाना शुरू किया तो मैंने उन्हें कहा अब मुझे मजा आ रहा है। मैंने उनसे कहा अब आप अपने 9 इंच मोटे लंड को मेरी चूत की शोभा बना दीजिए।

उन्होंने भी तुरंत अपने मोटे लंड को मेरी चूत के अंदर घुसाते हुए मुझे पेलना शुरू कर दिया। वह जिस तरह से मेरी चूत के अंदर धक्का मारकर मेरी इच्छा को पूरा कर रहे थे उससे मुझे मज़ा आ रहा था और उन्हें भी काफी ज्यादा मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगे सविता तुम वाकई में बड़ी कमाल की हो। मैंने उन्हें कहा आप भी तो बडे अच्छे हैं। मैंने उनका साथ बड़े ही अच्छे से दिया मैंने उनके माल को जल्दी ही बाहर निकाल दिया और उनकी इच्छा को मैं पूरा कर चुकी थी। वह अब सो चुके थे लेकिन मेरी इच्छा अभी तक पूरी नहीं हुई थी मैं बड़ी तड़प रही थी। मैंने अपनी चूत में उंगली डालकर ही काम चलाया और रात के वक्त जब मेरे पति अपनी नाइट ड्यूटी के लिए जा चुके थे तो मैंने छत का दरवाजा खोल दिया। मैंने जब छत का दरवाजा खोला तो रात के वक्त संजय घर पर आया और वह मुझे कहने लगा भाभी मैं तो आपके लिए बड़ा तड़प रहा था और ना जाने मैंने कितनी ही बार अपने माल को बाहर गिरा दिया है। मैंने उसे कहा चलो कमरे में चलता है। वह कहने लगा भाभी आपको देखकर मजा आ रहा है। यह कहकर उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया मैंने उसे कहा तुम अपने लंड को तो दिखाओ।

उसने अपने मोटे लंड को दिखाया तो मैं उसके लंड को अपने मुंह में लेने के लिए तड़पने लगी। मैंने उसके लंड को अपने हाथों में पकड़ा और जोर से दबाया। वह मुझे कहने लगा भाभी लगता है आपको मेरा लंड बहुत पसंद आया। मैंने उसे कहा हां तुम्हारा लंड बड़ा मोटा है मुझे बड़ा मजा आया। वह बड़ा खुश था और मैं उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। उसके मोटे लंड से पानी भी बाहर की तरफ को निकालने लगा था वह बहुत ज्यादा तड़पने लगा था और मुझे कहने लगा सविता भाभी मुझे ना तड़पाओ आपने मेरे माल को बाहर निकाल दिया है। मैंने उससे कहा अब मैंने तुम्हारे माल को तो बाहर निकाल दिया है लेकिन मुझे अब तुम्हारे लंड को अपनी चूत में लेना है। वह मुझे कहने लगा भाभी मेरे लंड को अपनी चूत मे ले लो। मैंने उसे कहा लो तुम मेरी चूत में अपने लंड को डाल दो। मैंने उसके सामने अपने पैरो को खोला तो उसने मेरी चूत मे अपनी उंगली का स्पर्श करते हुए मुझे कहा मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा है। उसने अपनी उंगली को मेरी चूत के अंदर घुसा दिया था उसकी उंगली मेरी चूत के अंदर जा चुकी थी उसने काफी देर तक मेरी चूत के अंदर बाहर अपनी उंगली को किया जिससे कि मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैंने उसे कहा तुम कूलर को ऑन कर दो।

उसने अब कूलर को ऑन किया। कूलर की फराटे दर हवा से निकलती हवा मेरी गर्मी को बढा रही थी। उसने मेरी चूत को काफी देर तक चाटा और मेरी चूत को चाटकर उसने अपना बना लिया था। मैंने उसके लंड पर अपनी चूत पर लगाया और उसे रगडना शुरू किया तो उसका माल भी मेरी चूत पर लगने लगा था। उसके लंड से काफी ज्यादा पानी बाहर निकलने लगा था और मेरी चूत भी बहुत ज्यादा गर्म पानी बाहर की तरफ को छोड़ने लगी थी। मैंने उसे कहा तुम अपने लंड को मेरी चूत में घुसा दो। मैंने जब उसे यह कहा तो उसने मेरी चूत में अपने लंड को घुसाया। उसका लंड मेरी चूत के अंदर घुसा। उसका लंड मेरी चूत के अंदर जाते ही मैं जोर से चिल्ला कर उसे बोल तुम्हारा लंड बड़ा ही मोटा है। वह मुझे बोला मुझे आज मजा आ गया जो सपनों मै देखा करता था आज वह पूरा हो गया। वह मुझे कहने लगा सविता भाभी आप बड़ी ही कमाल की हैं आज मुझे मजा आ रहा है। मैंने उसे कहा तुम अब मुझे तेजी से चोदते रहो। उसने मुझे बड़ी ही तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए थे। वह बहुत तेज गति से मुझे धक्के दे रहा था उसके धक्को से मेरा पूरा शरीर हिलने लगा और मेरी चूत से पानी बहुत अधिक मात्रा में बाहर निकलने लगा। कुछ देर तक उसने मुझे अपने नीचे लेटा कर चोदा। उसने मुझे इतना जमकर चोदा कि मेरी चूत से पानी निकलने लगा था और उसने मेरी चूत में पानी भी गिरा दिया था।

उसका माल मेरी चूत के अंदर गिर चुका था उसने अपने लंड को साफ करते हुए मेरी चूत को भी साफ किया और मेरी चूत को दोबारा से चिकना बना दिया। मेरी चूत मे उसका लंड जाते ही वह मुझे कहने लगा भाभी ऐसा लग रहा है जैसे कि आपकी चूत कोई मुलायम रूई हो। मैंने उसे कहा तुम मुझे तेजी से चोदो उसने मेरी चूत के अंदर बाहर अब तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए। वह जिस तेजी से धक्के मार रहा था उस से मुझे मजा आने लगा और उसे भी बड़ा मजा आने लगा था। जब वह मेरी चूतड़ों पर प्रहार करता तो मेरी चूतड़ों का रंग लाल हो जाता और मैं उसे कहती तुम अपनी ताकत दिखाओ। उसने मुझे कहा मैं आपको अपनी पूरी ताक़त दिखाता हूं। वह जिस प्रकार से मुझे चोदता उससे मेरा शरीर पूरी तरीके से हिल जाता और मुझे मजा आ जाता। मैंने उसे कहा मुझे बड़ा ही मजा आ रहा है तुम ऐसे ही मुझे धक्के देते रहो। उसने काफी देर तक मुझे ऐसे ही चोदा। उसने मेरी चूत को गिला बनाकर अपनी इच्छा को पूरा किया और मेरी इच्छा भी अब पूरी हो चुकी थी। वह मुझे बोला सविता भाभी आपको चोदकर आज मेरा जीवन सफल हो चुका है उस रात वह मेरे साथ ही रूका और संजय ने मुझे ना जाने कितने ही प्रकार की पोजीशन में चोदा।