मेरे हुस्न के माया जाल में नौजवान को कैद किया

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दोस्तों मेरा नाम सविता है, मैं स्कूल में अध्यापिका हूं मैं जिस स्कूल में पढ़ाती हूं उसी स्कूल में मैंने प्रिंसिपल का भी लंड लिया है लेकिन अब मेरा मन भर चुका है। मुझे अपने जीवन में कोई नया पुरुष चाहिए जो कि मेरी अदाओं को झेल सके, मैं उसके साथ ही सोना चाहती हू। मेरे पति का भी लंड कम मोटा नहीं है लेकिन अब वह मुझे बिल्कुल भी नहीं चोदते इसीलिए मैं किसी नए और नौजवान युवक की तलाश में हूं जो कि मेरे सुंदर यौवन का आनंद ले सके और मैं भी उसके साथ पूरे तरीके से मजे ले पाऊं। मै इसी तलाश में हूं कई दिनों से सेक्स की भूखी बैठी हूं लेकिन अभी तक कोई भी मुझे ऐसा नहीं मिल पाया था। कुछ दिनों पहले ही मेरी मुलाकात एक नौजवान और गबरु जवान से हो गई। उसकी लंबाई देखकर तो मैंने अपने दिमाग में उसके लंड को लेकर कल्पना करने लगी और सोचने लगी कि इसका लंड कितना लंबा और कड़क होगा। मेरे मुलाकात रमन से मेरी साथी अध्यापिका ने करवाई वह दोनों एक दूसरे से काफी पहले से परिचित हैं और वह भी कम ठरकी नहीं है। वह मुझे कहने लगी रमन किसी की तरफ नहीं देखता वह एक महिला का शुख भोगता है मेरी साथी टीचर का नाम संगीता है। मैंने संगीता से कहा कि तुम देख लेना मै रमन को अपने बस में कैसे करती हूं। संगीता मुझे कहने लगी तुम मुझसे कितने की भी शर्त लगा लो लेकिन तुम कभी भी रमन को अपने बस में नहीं कर पाओगी और ना ही उसे अपने यौवन के माया जाल में फंसा पाओगी। मैंने संगीता से कहा कि मेरा नाम भी सविता है मैंने तो अच्छे अच्छो को अपने यौवन के जाल में फंसा लिया है तो रमन को भी मैं अपने हुस्न के जाल में फंसा लूंगी।

संगीता- चलो देखते हैं मैं तुमसे शर्त लगाती हूं अगर तुम हार गई तो तुम एक दिन के लिए मुझे जिगोलो सर्विस के सुख का आनंद दिलवाओगी।

मैं- चलो ठीक है मैं देख लेती हूं कि कौन जीतता है और कौन हारता है यदि तुम हारी तो तुम अपने पति को मेरे पास भेजोगी और वह अपना लंड मेरी चूत मे डालेगा।

संगीता- चलो मंजूर है देखते हैं तुम भी अपने यौवन के मायाजाल में किस तरीके से रमन को फंसाती हो।

मैंने अब संगीता की शर्त मान ली इसलिए यह मेरी अब नाक का सवाल हो चुका था और मुझे किसी भी हाल में रमन को अपने माया जाल में फंसाना ही था इसीलिए मैं सोचने लगी कि मैं कैसे रमन से बात करूं क्योंकि मेरी बात रमन के साथ ज्यादा नहीं हो पाई थी मुझे संगीता ने ही रमन से मिलवाया था। मैंने रमन के लंड की कल्पना करनी शुरू कर दी और उससे मेरा मूड बहुत ही ज्यादा सेक्स करने का हो गया इसीलिए मैंने अपनी अलमारी में रखी लाल रंग की सेक्सी नाइटी को निकाल लिया। जो कि मेरे पति ने ही मुझे गिफ्ट की थी मैं उस दिन उसे पहनकर लेटी हुई थी। जब मेरे पति ने मुझे देखा तो कहने लगे आज तो तुम मूड में लग रही हो क्योंकि मै बहुत ज्यादा मूड मे थी और अपने पति को अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी। मेरे पति भी समझ चुके थे और उन्होंने भी उस दिन अपने कड़क लंड पर सरसों का तेल लगा लिया और बहुत अच्छे से मालिश करने लगे उनके लंड से तेल भी टपक रहा था मैं समझ गई कि आज तो मेरे पति मेरी चूत का भोसड़ा बना कर ही छोड़ने वाले हैं। मैं भी पूरी उत्तेजना में आ गई और मैंने भी अपनी चूत को मालिश करना शुरू कर दिया मैंने अपनी चूत पर सरसों का तेल लगा लिया मेरी चूत भी पूरी गीली हो चुकी थी और उसके अंदर से भी तरल पदार्थ बाहर की तरफ को निकलने लगा। मेरे पति ने भी मुझे कसकर पकड़ लिया और कहा आज काफी दिन बाद तुम्हारे हुस्न का रसपान करूंगा। काफी दिनों से मेरा माल भी झड़ा नहीं है जब मेरे पति ने मुझे पकड़ा तो मेरी चूत पूरी गीली हो चुकी थी। मैंने भी अपने पति से कहा कि मुझसे अब सब्र नहीं हो रहा मैं तुम्हारे लंड को अपनी मुलायम योनि के अंदर लेने के लिए तैयार बैठी हूं तुम जल्दी से मेरी योनि का भेदन करो और मेरी इच्छा को पूरा कर दो मेरी चूत कुछ ज्यादा ही गीली हो गई थी। जैसे ही मेरे पति ने मेरी मुलायम योनि के अंदर अपने कड़क और मोटे लंड को डाला तो मेरा पानी बाहर की तरफ निकालने लगा। मेरे पति ने मुझे बड़े अच्छे से चोदना शुरू कर दिया। वह मुझे कहते कि सविता तुम्हारा यौवन भी पहले जैसा ही हॉट और सेक्सी है मेरा आज तक मन नहीं भर पाया।

उन्होंने मुझे उठा उठा कर चोदा और मेरी सेक्स की इच्छा को पूरा कर दिया। जब मेरे पति का लंड मेरी योनि के अंदर बाहर हो रहा था तो मेरे दिमाग में यह आने लगा कि रमन को किस तरीके से अपने जाल में फसाया जाए। अगले ही दिन मैंने रमन को फोन कर दिया और उसे कहा कि मुझे आज तुम्हारी जरूरत है क्या तुम मुझे मेरे घर तक छोड़ सकते हो। रमन कहने लगा ठीक है मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ देता हूं। रमन जब मुझे मेरे स्कूल लेने आया तो मेरे प्रिंसिपल भी देख रहे थे और वह समझ चुके थे कि आज मैं नौजवान युवक का लंड अपनी चूत मे लेकर ही रहूंगी। संगीता ने भी मुझे फोन कर दिया उस वक्त मै रमन के साथ उसकी कार में बैठ रही थी। संगीता मुझे कहने लगी तुम्हे मुझे फोटो भेजनी पड़ेगी उसके बाद ही मैं तुम पर यकीन कर पाऊंगी। मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें फोटो भेज दूंगी। जब रमन ने मेरे घर के सामने अपनी कार रोकी तो मैं जैसे ही कार से बाहर उतरी तो मैंने जानबूझकर गिरने की एक्टिंग की इसलिए रमन को लगे कि मैं वाकई में गिर चुकी हूं।

रमन मेरे पास दौड़ता हुआ आया वह कहने लगा तुम्हें चोट तो नहीं आई। मैंने उसे कहा कि तुम मुझे मेरे घर के अंदर तक ले चलो मुझे दर्द हो रहा है। रमन ने मुझे अपनी बाहों में उठा लिया और मेरे घर के अंदर तक ले आया। जब रमन मुझे मेरे घर के अंदर तक लाया तो मैं दिल ही दिल खुश हो रही थी। मैंने भी रमन की दाढ़ी पर हल्के से अपने हाथ को रख दिया जिससे कि वह भी समझने लगा था। जब उसने मुझे मेरे बिस्तर पर लेटाया तो मैंने उसे कहा कि मेरी जांघ पर मोच आ गई है तुम मेरी जांघ की मालिश कर दो। मैंने रमन से कहा कि तुम हल्का सा तेल गरम कर लेना और उसमें थोड़ा सा लहसुन मिला लेना वह काफी गर्म होता है। रमन ने जब सरसों का तेल गर्म किया और उसमें लहसुन मिलाया तो उसके बाद मैंने अपनी सलवार को नीचे उतार दिया। रमन मेरी पैंटी की तरफ देख रहा था और वह मेरी जांघ पर अपने हाथों से मालिश कर रहा था लेकिन मेरे हॉट और सेक्सी फिगर को बहुत ज्यादा देर तक नहीं देख पाया। जैसे ही उसने अपने हाथ को मेरी रसभरी चूत पर लगाया तो वह पिघलने लगा मैंने भी उसे कसकर पकड़ लिया और कहा कि तुम अपने माल को मेरी योनि में गिरा दो मुझे अपना बना लो। रमन ने भी जब अपने घोड़े जैसे लंड को बाहर निकाला तो मेरा मन उसे चूसने का होने लगा लेकिन मेरी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी निकलने लगा। मैने रमन से कहा कि तुम जल्दी से अपने लंड को मेरी चूत मे डालो। जैसे ही रमन का घोड़े जैसा लंड मेरी योनि में गया तो मेरी इच्छा पूरी हो गई। मैंने रमन के साथ सेल्फी भी ले ली और उसी वक्त मैंने संगीता को भेज दी। रमन मुझे घोड़े की तरह चोद रहा था  उसके अंदर इतनी ज्यादा ताकत थी कि मेरी चूत का कचूमर ही निकल गया था। रमन ने मुझे इतने बुरी तरीके से चोदा की मे कई दिनो तक सेक्स भी नहीं कर पाई। मैं शर्त जीत चुकी थी तो रमन भी मेरे जाल में फंस चुका था। संगीता ने अपने पति को मेरे पास भेज दिया उसने भी मेरी इच्छा को बड़े ही अच्छे ढंग से पूरा किया और मुझे अपने आप पर गर्व महसूस होने लगा। संगीता मुझे कहने लगी सविता तुम्हारी तो बात ही निराली है तुम किसी को भी अपने जाल में फंसा लेती हो। मैंने संगीता से कहा कि मैंने हम दोनों की तस्वीर तुम्हें भेजी थी वह कैसी लगी वह कहने लगी मुझे तो बड़ा ही मजा आया मेरी चूत ने पानी छोड दिया था मुझे तुमसे हारने का दुख नहीं है लेकिन मेरे पति मेरी तरफ बिल्कुल भी नहीं देखते वह कहते हैं कि सविता को यौवन कितना लाजवाब है वह तुम पर पूरी तरीके से फिदा हो चुके हैं।