मुझे किराया माफ कराना आता है

Xxx hindi story, antarvasna: अपने पड़ोस में अपनी कातिलाना अदाओं के लिए मैं बहुत ज्यादा मशहूर थी मैं जिसको भी अपनी प्यासी नजरों से देखती उसे मैं अपना बना लिया करती लेकिन अब मेरे पति का ट्रांसफर हो जाने के बाद हम लोग नए शहर में आ गए। जब उनका ट्रांसफर दिल्ली में हुआ तो दिल्ली में मेरे लिए सब कुछ नया था कुछ दिन तो हम लोगों को मैनेज करने में ही लग गया। अब सब कुछ ठीक हो चुका था मेरे पति अपने दफ्तर सुबह चले जाया करते और मैं घर पर अकेले ही रहती। वह जब भी अपने दफ्तर जाते तो मुझे कहते कि सविता तुम अपना ध्यान रख तो लिया करोगी? मैं उन्हें कहती इससे पहले भी तो मै अपना ध्यान रखती ही थी लेकिन उन्हें क्या पता था मैं तो जहां जाती हूं वहां पर अपने रंग की छाप छोड़ देती हूं मैंने ऐसा ही दिल्ली में भी किया। दिल्ली में हम लोग जिस घर में रहा करते थे वहां के मकान मालिक मुझे बहुत ज्यादा देखते थे उनका नाम रोशन है।

रोशन दिखने में अच्छी कद काठी और गठीले बदन के है। एक दिन में घर पर ही बैठी थी उन्होंने दरवाजा खटखटाया मैंने उन्हें अंदर आने के लिए कहा अब रोशन अंदर आ गए। वह मुझे कहने लगे सविता भाभी आप क्या कर रही थी? मैंने उन्हें कहा कुछ नहीं बस ऐसे ही अकेले बोर हो रही थी। वह वह अपनी बड़ी बड़ी आंखों से मेरे स्तनों को देख रहे थे और मुझे कहने लगे मैं आपको कहीं घुमा ले आता हूं। मैंने उन्हें कहा रहने दीजिए लेकिन वह तो मुझे अपने साथ कहीं घुमाने के लिए ले जाना चाहते थे। मैंने उन्हें कहा अगर यह बात भाभी को पता चली तो वह मुझे कहने लगे वह घर पर नहीं है वह अपने मायके गई हुई है। मैं भी रोशन को अपने हुस्न के लिए तड़पाना चाहती थी इसलिए मैंने उन्हे कहा चलिए हम लोग घूम आते हैं। मैं और रोशन साथ में घूमने के लिए गए उन्होने मुझे शॉपिंग भी करवा दी तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो गई। जब हम लोग घर लौटे तो वह मेरे साथ ही बैठे हुए थे वह मुझे कहने लगे सविता मैं तुम्हें हर वह खुशी देने को तैयार हूं जो तुम चाहती हो। मैंने रोशन से कहा लेकिन मेरा खर्चा काफी ज्यादा है क्या आप मेरे खर्चों को झेल पाएंगे। वह मुझे कहने लगे हां क्यों नहीं मैं तुम्हारे खर्चों को जरूर झेल पाऊंगा मैंने उन्हें कहा एक बार सोच लीजिए रोशन कहने लगे मैंने तो सोच लिया है मैं अब रोशन को तड़पाने लगी थी वह भी बहुत ज्यादा मेरे लिए तड़प रहे थे।

वह एक पल भी रह नहीं पा रहे थे मैंने रोशन को अपना बदन सौप दिया। उन्होने मुझे अपनी गोद में बैठाकर मुझे कहा सविता तुम बड़ी ही कमाल हो वह मेरी जांघों को सहला रहे थे और उन्होंने अपने हाथों से मेरे स्तनों को दबाना शुरू कर दिया। जब उन्होंने ऐसा किया तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस हो रहा था और उनको भी अच्छा लग रहा था अब हम दोनों ही पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे। हम दोनों की उत्तेजना बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी जिससे कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और ना ही रोशन अपने आपको रोक पा रहे थे। हम दोनों की तड़प बहुत ही ज्यादा बढ़ने लगी थी रोशन का लंड उनके अंडरवियर से बाहर की तरफ आने लगा था। मैंने जब रोशन के लंड को बाहर निकाला तो रोशन का लंड बाहर निकलते ही मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मै उसे अपने मुंह में ले लूं लेकिन रोशन ने मुझे कहा कि चलो हम लोग बिस्तर पर लेट जाते हैं और हम लोग बिस्तर पर लेट गए। बिस्तर मे लेट जाने के बाद मैंने अब रोशन के लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे मै ऐसे चूस रही थी जैसे कि मैं रोशन के लंड से पानी बाहर निकाल दूं और मैंने रोशन के लंड को तब तक सकिंग किया जब तक रोशन के लंड से पानी बाहर नहीं आ गया। अब वह बहुत ही ज्यादा तड़पने लगे थे वह मुझे कहने लगे सविता तुम मेरे लंड के ऊपर बैठ जाओ। मैंने उन्हें कहा अभी थोडा सा रूक जाइए। वह कहने लगे मैं बिल्कुल रह नहीं पा रहा हूं मैंने रोशन की बात मान ली जब मैंने रोशन के लंड पर अपनी चूतड़ों को टिकाया तो रोशन खुश हो गए और कहने लगे आज तो मजा ही आ गया। मैंने रोशन को कहा मजा तो मुझे भी बढ़ा आ रहा है और ऐसा लग रहा है जैसे कि बस आपके मोटे लंड को अपनी चूत में लेती रहूं। अब मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था और रोशन को भी बहुत अच्छा लग रहा था।

हम दोनों की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और हम दोनों के अंदर की गर्मी इस तरीके से बढ़ चुकी थी कि मैं रोशन के लंड के ऊपर नीचे अपनी चूतड़ों को अच्छे से कर रही थी और वह बहुत खुश हो रहे थे। वह मुझे कहने लगे सविता तुम्हारे जलवे बड़े कमाल के हैं यह कहकर उन्होंने मेरे स्तनों को अपने हाथों में ले लिया और जब उन्होने मेरे बड़े स्तनों को अपने हाथों में लिया तो मुझे अच्छा लग रहा था और रोशनी को भी बड़ा मजा आ रहा था। वह मुझे कहने लगे मैं काफी दिनों से देख रहा था लेकिन आज अच्छा मौका मिल गया। मैंने उनको कहा मैं तो आपकी नजरों को पहले ही पढ़ चुकी थी आपकी नजरें मुझ पर पड़ चुकी थी। रोशन ने मुझे अपने ऊपर से एक ही झटके मे नीचे लेटा दिया वह मुझे ऐसे चोद रहे थे जिस से कि मेरे अंदर की आग बढ़ती ही जा रही थी। मेरे अंदर की आग इस कदर बढ़ चुकी थी कि मुझे बहुत मजा आने लगा था मैंने उन्हें कहा मैं अपने पैरों को खोले हुए हू आप और तेजी से मुझे चोदिए। रोशन मुझे कहने लगे मैं तुम्हारी चूत मे लंड को तेजी से कर रहा हूं और यह कहकर रोशन ने बड़ी जोरदार झटकों के साथ मेरे अंदर बाहर लंड को जाने को करना शुरू किया। मैंने अपने पैरों के बीच में रोशन को जकडना शुरू किया तो रोशन और भी ज्यादा उत्तेजित हो रहे थे।

वह मुझे कहते सविता तुम बड़ी कमाल की और बड़ी ही लाजवाब हो जब मेरे अंदर की गर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी तो मैंने रोशन को कहा लगता है अब मैं भी झड़ने वाली हूं। मैंने रोशन को अपने पैरों के बीच में कस कर जकड़ लिया मैंने जब रोशन को अपने पैरों के बीच मे रगडा तो वह बोले सविता मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है। वह बिल्कुल भी नहीं रह पा रहे थे मेरी गर्मी बढ़ चुकी थी लेकिन मुझे एहसास हो चुका था कि मै ज्यादा देर तक रह नहीं पाऊगी मैंने अपने पैरों को आपस में मिला लिया था। रोशन का माल मेरी चूत मे गिर चुका था मै लेटी हुई थी। रोशन का माल मेरी चूत के अंदर से निकल रहा था तो मुझे बड़ा ही अच्छा महसूस हो रहा था और रोशन को भी बहुत अच्छा लग रहा था। हम दोनों एक दूसरे का साथ बड़े अच्छे से दे रहे थे रोशन और मैं एक दूसरे के साथ दोबारा से सेक्स करने लगे थे और हम दोनों को अच्छा लगने लगा था। जब हम दोनों एक दूसरे के साथ संभोग का मजा ले रहे थे तो हमारे अंदर की गर्मी दोबारा से बढती जा रही थी। मैं बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी जिस तरह रोशन ने मुझे दोबारा से चोदा। रोशन जब भी किराया लेने के लिए हमारे घर पर आते तो वह मुझसे कहते सविता मुझे तुमसे किराया नहीं चाहिए। मैं हमेशा ही रोशन को खुश कर दिया करती और वह मुझसे किराया नहीं लिया करते रोशन मेरे हर खर्चो को उठा रहे थे। उन्होंने मेरे हर खर्चों को उठाने की जिम्मेदारी ली थी इसीलिए वह मेरी हर एक बात मान लिया करते। मुझे बड़ा अच्छा लगता जब हम दोनों कहीं साथ में घूमने के लिए जाते। हम दोनों एक दूसरे के साथ बड़े ही अच्छे से देते और रोशन मुझसे प्यार भी करने लगे थे लेकिन मैं कभी किसी से प्यार नहीं करती मैं सिर्फ अपनी शारीरिक जरूरतों को पूरा करती हूं और इससे अधिक में ज्यादा कभी किसी के बारे में नहीं सोचा करती।