पार्टी की जान तुमसे है

Savita bhabhi xxx, hindi sex kahani: आप लोग तो जानते ही हैं कि सविता भाभी जहां भी जाती है वहां पर अपने बदन की गर्मी से वह माहौल पूरा गर्म कर देती है और ऐसा ही उस दिन हुआ जब वह प्रतिभा की पार्टी में गई लेकिन उससे पहले तो वह तड़प रही थी। उनकी तड़क की वजह उनके पति रौनक थे रौनक ने सविता की चूत की प्यास उस दिन बुझाई नहीं थी वह सुबह से ही तड़प रही थी। भाभी की तडप इतनी ज्यादा थी की उस दिन उन्होने अपने पड़ोस के सोनू हलवाई को बुला लिया और हलवाई ने जो गर्म जलेबी उनकी चूत में तली उससे तो सविता भाभी की गर्मी बुझ चुकी थी लेकिन अब भी कसर रह चुकी थी। उस दिन दोपहर के वक्त जब सविता भाभी बाथरूम से बाहर निकली तो उन्होने अपने आशिक के दिए हुए वाइब्रेटर को अपनी चूत में डाला ताकि उसकी चूत से निकलता हुआ पानी सूख ना सके।

सविता की तड़प की वजह सिर्फ और सिर्फ उसकी उफान मारती हुई जवानी थी सविता भाभी की सेक्स के प्रति रुचि लेना उनके पति की वजह से ही हो पाया था। उनके पति ने सविता भाभी के साथ ना जाने कौन-कौन से पोज में चूत चुदाई की थी। इसी से सविता भाभी के अंदर की जवानी उफान मारने लगी थी जब उनके पति घर पर नहीं रहते तो सविता ना जाने किस किस को बुलाती रहती और उनसे अपने बदन की गर्मी को बझाती। सविता के सब जगह चर्चा थे और वह अपनी चुलबुली अदा के लिए पूरे इलाके में फेमस थी दोपहर के वक्त जब सविता का मन दोबारा से लंड लेने का होने लगा तो उन्होने एक पिज्जा ऑर्डर किया। पिज्जा तो सिर्फ बहाना था वह तो डिलीवरी ब्वॉय को अपने हुस्न के जाल में फंसाना चाहती थी क्योंकि उन्हे नए-नए लंड लेने की आदत है। जब वह डिलीवरी ब्वॉय ने सविता के घर की घंटी बजाई तो सविता ने अपने घर के 6 बाय 3 के दरवाजे को खोलो। जब सविता ने दरवाजा खोला तो सामने सावला सा पतला सा लड़का खड़ा था सविता ने उसे अपनी मदमस्त आवाज में कहा तुम्हारा क्या नाम है? वह लड़का पहले तो सविता को देखता रहा सविता ने दोबारा उसे अपनी अदाओं में पूछा तुम्हारा क्या नाम है? वह लड़का शरमाते हुए कहने लगा मैडम आप मेरा नाम जानकर क्या करोगी लेकिन सविता को तो उसका नाम जानना था। अखिरकार सविता भाभी ने उसका नाम जान ही लिया उसका नाम मोहन था सविता ने अपने साड़ी के पल्लू को हटाते हुए अपने स्तनों की दीवार को मोहन को दिखाया।

मोहन 22 साल का एक ग्रैजुएट लड़का था मोहन सविता के स्तनों से अपनी आंखें सेकने लगा। सविता भी समझ चुकी थी कि अब यह मेरे जाल में फंस चुका है सविता ने उसे अंदर बुला लिया। जब सविता ने उसको घर पर बुलाया तो सविता उसे कहने लगी आओ हम दोनों पिज्जा खाते हैं लेकिन वहां शर्मा रहा था। सविता ने पिज्जा के बॉक्स को खोलो और उसमे से पिज्जा को अपने नरम और मुलायम हाथों से निकालते हुए जब सविता ने अपने हाथों से मनोज को उस पिज़्ज़ा का एक बाईट खिलाया तो वह खुश हो गया क्योंकि ऐसा प्यार तो मनोज को कभी मिला ही नहीं था। मनोज ने भी एक पिज़्ज़ा का छोटा सा टुकड़ा सविता के नरम होठों पर लगाया और सविता ने उसे अपने दांतो के नीचे दबा दिया लेकिन सविता के होठों पर जो लाल रंग की लिपस्टिक लगी हुई थी वह मनोज की उंगली पर लग गई। मनोज ने  लिपस्टिक को देखा तो मनोज सविता के होठों की तरफ देखने लगा। अब बात बहुत आगे बढ़ चुकी थी सविता ने भी अपनी साड़ी के पल्लू को नीचे गिरा दिया जब उसने अपने साड़ी के पल्लू को नीचे गिराया तो मनोज ने सविता के पल्लू को उठाते हुए ऊपर रखा और अपनी नरम उंगली से सविता के स्तनों को छूते हुए उसकी उंगलियां सविता के स्तनों से गुजरी। सविता के अंदर से जैसे करंट सा दौड़ चुका था और सविता ने अपने हाथ को मनोज की जांघ पर रख दिया। सविता उससे पूछने लगी तुम्हारा रंग क्या ऊपर से लेकर नीचे तक सावला है? मनोज ने उसे शरमाते हुए जवाब दिया हां मेरा रंग ऊपर से लेकर नीचे तक सावला है सविता को सांवले लड़के बहुत पसंद है।

सविता ने जब अपने हाथ को मनोज के लंड के ऊपर रखा तो उसका लंड उसकी काली पैंट से बाहर की तरफ आने की कोशिश करने लगा लेकिन मनोज अपने आप को रोकते हुए कहने लगा मैडम मैं चलता हूं।  सविता ने उसे अपनी मदमस्त और मादक आवाज में कहा रुक जाओ ना कहां जा रहे हो। वह भी सविता की आवाज सुनते ही जैसे पुतला सा बन गया था मनोज वहीं बैठा रहा। सविता अपने हुस्न के जाल में एक नया शिकार फसाने की ओर बढ रही थी। उसने जैसे ही मनोज की पैंट से उसके लंड को बाहर निकाला तो मनोज जैसे तड़प उठा। सविता ने अपने होठों की लिपस्टिक को मनोज के लंड पर लगा दिया जिससे कि मनोज के लंड से गीलापन बाहर निकलने लगा था सविता ने उसे चूसकर पूरा साफ कर दिया। सविता ने अपनी साड़ी को उठाया और अपनी काली रंग की पैंटी को उतारते हुए उसने मनोज के काले और लंबे लंड को अपनी चूत में ले लिया जैसे ही सविता की चूत में मनोज का लंड घुसा तो सविता के मुंह से आह आह आह आह ऊह ऊह ऊह की आवाज निकल आई। सविता की कामुकता भरी आवाज को मनोज सह नहीं पा रहा था मनोज ने भी सविता के बदन को अपने हाथों में ले लिया और जब वह सविता को धक्के मारता तो सविता को भी मजा आ जाता। सविता ने मनोज के लंड के  ऊपर जब अपनी चूत को रगड़ना शुरू किया तो उससे मनोज भी पूरे जोश में आ गया। मनोज को सविता भाभी ने सोफे पर लेटा दिया अब वह अपने हिसाब से मनोज के साथ संभोग कर रही थी।

जब वह अपनी चूत को मनोज के लंड के ऊपर नीचे करती तो मनोज को भी मजा आ जाता और मनोज के लंड से सविता ने खून निकाल कर रख दिया। सविता का यह 300 से ऊपर का शिकार था उन्होने किसी लड़के की वर्जिनिटी को खत्म किया था। सविता ने उसके लंड से वीर्य को निकलते हुए अपने मुंह में ले लिया और उसे ऐसे चाटा जैसे कि कोई क्रीम हो। उसके बाद सविता भाभी ने मनोज को बड़ी ही इज्जत से पैसे देकर अपने घर से जाने के लिए कहा मनोज भी पलट पलट कर देखता रहा लेकिन सविता को इन सब की आदत थी उसे किसी से कोई लगाव नहीं था वह तो सिर्फ एक मतलबी और सेक्स की भूखी महिला है। दोपहर में तो मनोज ने सविता की इच्छा को शांत कर दिया था और रात के वक्त जब सविता अपनी लाल रंग की कमर के नीचे पहनी हुई सेक्सी साड़ी में प्रतिभा के घर पार्टी में गई तो सब लोग सविता की तरफ देखने लगे। सविता की लाल रंग की साड़ी उसके गोरे बदन पर ऐसी लग रही थी जैसे कि कोई सुंदरता की मूर्ति अभी किसी बड़े से शोरूम से निकली हो। सविता की तरफ सब पलट पलट कर देखते लेकिन सविता इतने सारे लंड देख कर थोड़ा सा परेशान हो गई और वह सोचने लगी आज रात को किसके साथ अपनी प्यास को बुझाऊ। सविता दुविधा में थी लेकिन तभी उनकी सहेली प्रतिभा ने उनका साथ दिया और सविता ने अनिल को चुना। अनिल एक जवान और जिम जाने वाला एक हट्टा कट्टा नौजवान था अनिल के साथ सविता बात कर रही थी और सारे लोग जल रहे थे। वह अनिल को एक बंद कमरे में ले गई क्योंकि प्रतिभा को मालूम था कि सविता को सिर्फ सेक्स से प्यार है और इसलिए उसने पार्टी ऐसी जगह की थी जहां पर एक कमरा हो। अनिल और सविता एक कमरे में थे सविता ने जब अनिल से कहा क्या मैं अपनी तसरीफ को तुम्हारे ऊपर रख दू तो अनिल थोड़ा घबराई सी आवाज में कहने लगा हां सविता क्यों नहीं!

वहां पर एक कुर्सी थी उस पर अनिल बैठ गया और अनिल के ऊपर अपनी चूतड़ों को सविता ने रख दिया। अनिल का लंड सविता की बड़ी चूतडो से टकराता तो वह बाहर की तरफ को आने की कोशिश करता। जब सविता ने अनिल के कपड़ों को एक एक कर के उतारना शुरू किया तो अनिल भी अपने आपको ना रोक सका, अनिल ने भी सविता के बदन के पूरे हिस्से को अपना बना लिया। अनिल के लंबे और कड़क लंड को जब सविता ने अपने नरम होठों से चूसना शुरू किया तो अनिल की इच्छाएं अब और बढ़ने लगी अनिल की खुशी का ठिकाना ना था। अनिल ने सविता को खड़ा कर दिया और उसकी चूत को किसी पोर्न मूवी के टकले हीरो की तरह चोदना शुरू किया। सविता की गोरी चूतडो का जब अनिल के लंड से मिलन होता तो उससे एक आवाज उत्पन्न होती और उस आवाज से पूरा कमरा गूंज उठता। सविता भी मदमस्त हो चुकी थी और यह सिलसिला आधे घंटे तक चला आधे घंटे बाद जब अनिल के वीर्य की पिचकारी सविता की गोरी चूतडो के ऊपर गिरी तो पार्टी की रौनक में चार चांद लग चुके थे।